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चीन सीमा पर भारतीय सेना सतर्क, तैनात किया M777 होवित्‍जर, चिनकूक हेलीकॉप्‍टर

Posted on : 25-February-2024 05:02:28 Writer : टीम सीमा संघोष


चीन सीमा पर भारतीय सेना सतर्क, तैनात किया M777 होवित्‍जर, चिनकूक हेलीकॉप्‍टर

अरुणाचल प्रदेश सामरिक रूप से काफी महत्‍वपूर्ण है। अरुणाचल से ही चीन की सीमा (border of china) भी लगती है। चीन की ओर से वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अक्‍सर ही उकसावे वाली कार्रवाई की जाती रही है। भारतीय जवान चीन को उसके दुस्‍साहस का माकूल जवाब देते रहे हैं। भारतीय सेना (Indian Army) ने अरुणाचल प्रदेश में अपनी तैयारियों को बढ़ाना शुरू कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश में चिनकूक हेलीकॉप्‍टर के साथ ही M777 अल्‍ट्रा लाइट होवित्‍जर को भी तैनात कर दिया है। भारत अरुणाचल प्रदेश में लगातार इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का विकास कर रहा है। खासकर आवागमन के साधनों को दुरुस्‍त किया जा रहा है। हाल में ही दो सुरंग का भी निर्माण किया गया, जिससे घंटों की दूरी मिनटों में तय करना संभव हो सकेगा। 

चिनकूक हेलीकॉप्‍टर के अनुसार हेलीपैड

अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से लगातार हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। इन हेलीपैड को चिनकूक हैवीवेट हेलीकॉप्‍टर के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि अरुणाचल की सभी 7 घाटियों में चिनकूक के अनुकूल हेलीपैड का निर्माण किया गया है, ताकि एयर कनेक्टिविटी दुरुस्‍त रहे। इन हेलीपैड को चिनकूक स्‍पेसिफिक हेलीपैड का नाम दिया गया है। वर्ष 2020 से साल 2023 तक 9 हेलीपैड का निर्माण किया जा चुका है, जबकि 6 और का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से 5 हेलीपैड चिनकूक के हिसाब से हैं। 

ऊंचाई वाले इलाकों में तैनाती आसान

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल एसएल नरसिम्हन (रिटायर्ड) ने कहा- बाकी M777 के शामिल होने से सेना को बड़ी बढ़त मिलेगी। टाइटेनियम और एल्यूमीनियम से बनी हॉवित्जर का वजन करीब 4 हजार किलोग्राम है, लेकिन चिनूक हेलिकॉप्टर इसे ऊंचाई वाले इलाकों में ले जाने में सक्षम है। अरुणाचल प्रदेश में एक आर्टिलरी ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर संजीव कुमार ने पहले कहा कि ऐसे कई इलाके हैं, जहां भारी तोपों को तैनात नहीं किया जा सकता है, लेकिन M777 को चिनूक में स्लिंग-लोड कर तेजी से तैनात किया जा सकता है।

FARP के तहत खरीदे जाएंगे दूसरे हथियार

M777 सेना की फील्ड आर्टिलरी रिलेशनशिप प्लान (FARP) का अहम हिस्सा है, जिसे 1999 में मंजूरी दी गई थी। 50 हजार करोड़ के FARP के तहत नेट्रैक सेल्फ प्रोपेल्ड गन, ट्रक-माउंटेड गन सिस्टम, टोड आर्टिलरी पीस और व्हील्ड सेल्फ प्रोपेल्ड गन सहित नए 155 मिमी हथियारों को शामिल करने के लिए रोड मैप तैयार किया गया है।


M777 के अलावा आर्मी ने K9 वज्र-T ऑटोमैटिक आर्टिलरी गन और 155 मिमी बोफोर्स को लद्दाख सेक्टर में तैनात किया है। निजी क्षेत्र की डिफेंस कंपनी लार्सन एंड टुब्रो और दक्षिण कोरिया की हनवा टेकविन (HTW) ने भारत में एडवांस मोबाइल K9 बंदूकें बनाई हैं। इन तोपों को मैदानी इलाकों में तैनात किया जाना था, लेकिन सेना ने इन्हें ऊंचाई पर तैनात करने के लिए कुछ मामूली बदलाव किए हैं। भारत और चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में LAC पर सीमा के दोनों ओर सैन्य गतिविधियों में इजाफा किया है। दोनों तरफ बड़ी संख्या में इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है।

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