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Seema Sanghosh

कोरोना फैलाने के बाद वैक्सीन से पैसे कमाने की फ़िराक में चीन

Main Menu : ताज़ा समाचार Sub Menu : THAJASAMACHAAR Posted on : 06-May-2021 06:05:40 Writer :


कोरोना फैलाने के बाद वैक्सीन से पैसे कमाने की फ़िराक में चीन

पूरे विश्व को कोरोना महामारी की चपेट में लाने वाले चीन ने अब इसके टीके को जल्द बज़ार में उतारने की कवायद तेज़ कर दी है, यानी पहले महामारी फैलाकर पूरी दुनिया को पंगु बनाना और बाद में उसका टीका बनाकर जल्द उससे पैसा कमाने की होड़ में शामिल होना, इंस्टीट्यूट ऑफ़ बायोटेक्नलॉजी, एकेडमी ऑफ़ मिलीट्री साइंसेज़ ऑफ़ चाइना ने कोरोना का टीका बनाने का दावा किया है, वैसे इस मामले में चीन से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को इसका टीका लगाया जा रहा है लेकिन उन्हें ये बताकर टीका लगाया जा रहा है कि इससे कोविड के बचाव में मदद मिलेगी, यानी बच्चों को ये टीका इस दावे के साथ नहीं लगाया जा रहा है कि ये कोविड-19 का टीका है।

   चीन ने जिस तेज़ी से अपने देश में कोविड महामारी पर काबू पाया उससे इस थ्योरी को बल मिल रहा है कि चीन ने इसे जान बूझकर दुनिया में फैलाया और अपने देश में हालात सामान्य भी बना दिया, इसके साथ ही चीन दुनिया को ये भी दिखा रहा है कि कैसे उसने कोविड-19 महामारी पर काबू पाया और दुनिया के बाकी देश इसमें बुरी तरह असफल रहे। अब चीन ने कोविड-19 महामारी पर लगाम लगाने की घुड़दौड़ में बाज़ी मारने का मन बना लिया है, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस खेल से भी चीन अपनी अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई कर सकता है। एक अनुमान के अनुसार किसी बीमारी का टीका या दवा तैयार करने में बड़ी से बड़ी दवा कंपनियों को चार से पाँच साल का समय लगता है, और इसके बाद लंबा समय लगता है इस दवा या टीके के परीक्षण पर जिसके बाद इसे बाज़ार में उतारने के लिये मान्यता मिलती है लेकिन चीन बहुत जल्दबाज़ी में है वो जानता है कि इस समय लोहा गर्म है और इसपर तुरंत वार करना फायदेमंद रहेगा। इसीलिये, अमेरिका, रूस, जर्मनी समेत कई देशों की जल्द टीका बनाने और उसे बाज़ार में उतारने की तैयारी चीन ने भी कर ली है।

  शातिराना चाल चलते हुए चीन इस समय अपने लोगों पर इस टीके का प्रयोग कर रहा है, इसके जो भी नतीजे सामने आएंगे उसपर चीन थोड़ा बहुत संशोधन कर इस टीके को विश्व बाज़ार में ये कहकर उतारेगा कि उसने इसका कठोरतम परीक्षण किया जिसपर ये टीका एकदम खरा उतरा और इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं है, इसलिये दुनिया को ये टीका चीन से खरीदना चाहिए।

  चीन ने जो टीका बनाया है उसका एक शॉट तीन सौ युआन और दो शॉट 600 युआन का लगाया जा रहा है, इस टीके को अबतक एक लाख लोगों को लगाया गया है और इन लोगों पर अभी तक कोई विपरीत असर देखने को नहीं मिला है। इससे ये साफ़ हो जाता है कि कोरोना महामारी फैलाने के बाद पहले तो चीन ने मेडिकल उपकरणों को दुनिया को बेचकर मुनाफ़ा कमाया और अब कोविड-19 वैक्सीन बनाकर इसे पूरी दुनिया में उतारकर बाज़ी मारना चाहता है, हालांकि चीन को इससे कोई मतलब नहीं है कि लंबे समय बाद इस वैक्सीन का कोई बुरा प्रभाव लोगों में नज़र आएगा तो उनपर क्या बीतेगी।


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